ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

स्वस्त्यस्तु विश्वस्य खलु प्रसीदतां ध्यायन्तु भद्राणि शिवं मनो धिया
मनश्च भद्रं भजतामधोक्षजे आवेश्यतां नो मतिरप्यहैतुका

 

Проект "Свирель Кришны" закрыт!
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Вставай народ! Родина мать зовёт!